= खाली बर्तनों के साथ नारेबाजी कर किया प्रर्दशन
= जल संस्थान पर लगाया उपेक्षा का आरोप
= जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन का ऐलान
(((दलिप नेगी/विजय रौतेला/मनोज पडलिया/मदन सिंह की रिपोर्ट)))
बेतालघाट ब्लॉक के समीपवर्ती अमेल गांव में पानी की बूंदबूंद को हाहाकार मचा है। पेयजल संकट से परेशान आखिरकार ग्रामीणो का सब्र जवाब दे गया। खाली बर्तनो के साथ ग्रामीणो ने नारेबाजी कर गुबार निकाला। संबधित विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया। दो टूक चेतावनी दी की यदि जल्द पुलिस पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नही की गई तो आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाऐगा।
आपदा के बाद से ही गांव में पेयजल आपूर्ति चरमराने से अमेल गांव के वासिंदो का सब्र जवाब दे गया। गांव की महिलाओं व पुरुष खाली बर्तनों के साथ मुख्य मार्ग में आ धमके। जोरदार नारेबाजी कर जल संस्थान के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया की आपदा को सात महीने बीतने के बावजूद गांव में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त नही हो सकी है। लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद कोई सुध नही ली जा रही। गांव के लोग बूंदबूंद पानी को तरस रहे है। ग्रामीणों ने संबधित विभाग पर गांव की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया। सर्वसम्मति से तय हुआ की यही हालता रहे तो जल संस्थान के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया जाऐगा। इस दौरान ग्राम प्रदान अमेल फुलारा, ज्येष्ठ प्रमुख गीरधर मचखोली, उपप्रधान जीवन मचखोली, सरपंच किशोर कुमार समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
