🔳 जल संस्थान, पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के निरीक्षण में हुआ खुलासा
🔳 मानक के उलट कार्य होने पर क्षेत्रवासियों ने जताया रोष
🔳 त्रुटियों में सुधार के बाद ही काम शुरु करवाने पर दिया जोर
🔳 बजट के अभाव में सात महीने से ठप पड़ा है काम
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

रामगढ़ ब्लॉक के मोना गांव में जल जीवन मिशन योजना का विभागीय अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण में योजना के पाइप लकड़ी के डंडे से अटकाएं जाने पर नाराजगी जताई गई। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता त्रिवेंद्र जोशी के अनुसार योजना के पाइपों को दुरुस्त करने तथा जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश कार्यदाई संस्था को दिए गए हैं।
मोना गांव के दो सौ से अधिक परिवारों के हलक तरह करने को जल जीवन मिशन योजना के तहत लगभग 1.11 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना को स्वीकृति मिली है। टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्य शुरु हुआ पर पिछले सात महीनों से बजट के अभाव में योजना का कार्य ठप है। सोमवार को जल संस्थान व पंचायत प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने योजना के तहत किए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पेयजल योजना के पाइप लकड़ी के डंडे के सहारे अटकाएं जाने का खुलासा हुआ। मानक के अनुरुप कार्य न होने पर क्षेत्रवासियों ने गहरा रोष जताया। जल्द व्यवस्था में सुधार के साथ ही कार्य शुरु करने की मांग उठाई। दो टूक कहा की जब तक त्रुटियां दूर नहीं की जाएगी तब तक ने कार्य शुरु नहीं होने दिया जाएगा। साफ कहा की गुणवत्ताविहीन कार्य कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अपर सहायक अभियंता त्रिवेंद्र जोशी ने बताया की योजना के पाइपों को मानक के अनुसार बिछाने के निर्देश कार्यदाई संस्था को दिए गए हैं साथ ही जल्द कार्य शुरु करने को भी कहा गया है। इस दौरान ग्राम प्रधान लता राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बिष्ट, राकेश राणा, नीरज मेहरा, हरीश मेहरा, देवेंद्र बिष्ट, अमित, दीपांशु, मनोज, लक्ष्मण बिष्ट, नंदन लटवाल, पूरन लटवाल आदि मौजूद रहे।