◾ ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को लाभ न मिलने की जताई आशंका
◾ शर्तों के सरलीकरण की उठाई मांग
◾मनमानी पर आंदोलन की चेतावनी

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना के आवेदन को कठिन शर्तें रखे जाने से पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है। आवेदन की शर्तों को सरलीकरण किए जाने की पुरजोर मांग की है। आरोप लगाया है कि समय आवेदन की समय सीमा तो बढ़ा दी गई पर कठिन शर्तों से कई बेटियां योजना से वंचित रह सकती हैं।
बेटियों के लिए संचालित होने वाली नंदा गौरा योजना में पहले समय कम होने से कई बेटियां योजना से वंचित रह गई। जन दबाव बढ़ा तो मामला सरकार तक जा पहुंचा। समय सीमा तो बढ़ा दी गई है पर अब कठिन शर्तें होने से योजना से बेटियों को लाभान्वित होने पर संकट बढ़ गया है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी के अनुसार योजना में कठिन शर्ते रखी गई हैं जिस वजह से लाभार्थियों को लाभ ना मिल पाने का संशय बना हुआ है। कठिन शर्ते होने से प्रदेशभर की बेटियां योजना से वंचित रह सकती हैं। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव के अनुसार आवेदन फार्म में पंचायत कर अदायगी का प्रमाण मांगा गया है जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने की शर्त समझ से परे है। वहीं कुछ अन्य शर्तों पर भी गहरी आपत्ति जताई है। संगठन के प्रदेश सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि शर्तों का सरलीकरण नहीं किया गया तो पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

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