= मास्क से ही बना रहे दूरी,खतरा बढा़
= न शिक्षक गंभीर, न अभिभावक कर रहे परवाह
= चिकित्सकों ने किया मास्क को गंभीरता से लेने का आह्वान

(((विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/सुनील मेहरा की रिपोर्ट)))

कुछ दिन शांत रहने के बाद कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। बावजूद नौनिहालों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। तीसरे लहर में खतरे की जद में बताए जा रहे नौनिहाल मास्क पहनने में लापरवाही बरत रहे जिससे खतरा कई गुना बढ़ रहा है। शिक्षक व अभिभावक भी लापरवाह बने हुए हैं।

विद्यालय खोले जाने के बाद नौनिहाल लापरवाह हो गए हैं। वहीं शिक्षक तथा अभिभावक भी ध्यान नहीं दे रहे। कोरोना की तीसरी लहर नौनिहालों के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है सरकार कोरोना गाइड लाइन के नियमों के पालन को जोर शोर से प्रचार पप्रसार करने में जुटी हुई है पर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात उलट है। नौनिहालों की ओर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा। नौनिहाल खतरे से अनजान है पर अभिभावक व शिक्षक कतई जिम्मेदारी नहीं हो रहे। अल्मोडा भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के तमाम क्षेत्रों में विद्यालयों में नौनिहाल बिना मास्क ही बैठ रहे हैं। वहीं छुट्टी के बाद व स्कूल पहुंचने में भी मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे। यही हालात रहे तो स्थिति बिगड़ने में देर नहीं लगेगी चिकित्सकों ने नौनिहालों का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया है। कहा है की लापरवाही भारी पड़ सकती है।

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