◾दो वर्ष पूर्व आपदा से ध्वस्त मार्ग बना परेशानी का सबब
◾ गांव के वासिदों को भी करना पड़ रहा तमाम दिक्कतों का सामना
◾ उपजिलाधिकारी को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन, जताई नाराजगी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
दो वर्ष पूर्व आपदा से गांव का मुख्य पैदल मार्ग ध्वस्त हो जाने के बाद से गांव के वासिदों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली नौनिहाल भी दो किमी अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप गांव के रास्ते को दुरुस्त करवाए जाने की मांग उठाई है। चेताया की यदि उपेक्षा की गई तो फिर ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
बेतालघाट ब्लॉक के मझेडा़ ग्राम पंचायत के वासिंदे दो वर्ष पूर्व अक्टूबर में आई आपदा के बाद से आवाजाही में परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं। गांव से खैरना बाजार क्षेत्र की आवाजाही को बना रास्ता आपदा में मलबा आने ने ध्वस्त हो चुका है। ग्राम प्रधान भास्कर आर्या के अनुसार करीब छह सौ से ज्यादा परिवार रास्ते के ध्वस्त होने से परेशान हैं। स्कूली बच्चों को दो किमी की अतिरिक्त पैदल दूरी नाप विद्यालय पहुंचना पड़ा रहा है। शवदाह को खैरना स्थित शमशान घाट पहुंचने में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कोश्या कुटोली पारितोष वर्मा को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंप रास्ते को दुरुस्त करने की मांग उठाई है। चेताया है की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्ञापन में प्रमोद पांडे, पुष्पा देवी,ललित पांडे, योगेश त्रिपाठी, अरुण पांडेय, राकेश कुमार, कैलाश चंद्र, ललित मोहन, संजय पांडे, दिनेश चंद्र आदि के हस्ताक्षर हैं।
