🔳 व्यापार मंडल तथा क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति ने जताई नाराजगी
🔳 भोर्या बैंड क्षेत्र में देर शाम डामरीकरण से चढ़ा पारा
🔳 एनएच अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
🔳 सहायक अभियंता से साधा गया संपर्क पर नहीं उठा फोन
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर शाम के समय कड़ाके की ठंड में डामरीकरण किए जाने पर तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए। क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिन की जगह अंधेरे तथा ठंड में महत्वपूर्ण हाईवे पर डामरीकरण किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। आरोप लगाया की नियमों का खुलेआम उल्लघंन किया जा रहा है बावजूद जिम्मेदार अफसर कुंभकरणीय नींद में है।
केंद्र सरकार से कुमाऊं की लाइफ लाइन यानि अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे को दुरुस्त किए जाने को लगभग 26 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। एनएच प्रशासन को भारी भरकम बजट मिलने के बाद हाईवे के हालात सुधरने की उम्मीद जगी पर कार्य समाप्त किए जाने की समय सीमा बीतने के बावजूद अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। अब भी कई स्थानों पर हालात विकट है। जगह जगह दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। मंगलवार को कार्यदाई संस्था के दिन ढलने के बाद कड़ाके की ठंड में भोर्या बैंड क्षेत्र में डामरीकरण किए जाने से विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने ठंड में डामरीकरण किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई आरोप लगाया की महत्वपूर्ण हाईवे पर समय पर कार्य पूरा नहीं किया जा सका है और अब अंधेरे व ठंड में डामरीकरण कर इतिश्री की जा रही है। क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष मनीष तिवारी, व्यापार मंडल नगराध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, संजय सिंह बिष्ट, मनोज सिंह, गोविंद सिंह आदि ने भी महत्वपूर्ण हाईवे पर लापरवाह रवैया अपनाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की सरकारी बजट की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। मामले को लेकर एनएच के सहायक अभियंता प्रकाश सिंह रौतेला से संपर्क साधने का प्रयास किया गया पर सहायक अभियंता ने फोन रिसीव नहीं किया।