◾ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस गए कोसी घाटी के वासिंदे
◾महज रेफर सेंटर बन चुके गांवों में स्थित अस्पताल
◾ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूरदराज रुख करना बना मजबूरी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
कोसी घाटी के अस्पताल रेफर सेंटर में तब्दील हो चुके हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गांवों के वासिदों को दूरदराज रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने व स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ न मिलने से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग पर भी गांवों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया है।
केंद्र व प्रदेश सरकार गांव के अंतिम छोर पर खडे़ व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने का खूब ढोल पीटे पर धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। तमाम गांवों के मध्य में स्थित सीएचसी बेतालघाट में अल्ट्रासाउंड सेवा तक नहीं है वहीं बाल रोग, हड्डी रोग, स्त्री रोग समेत कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। दूर-दराज से लोग उपचार को अस्पताल पहुंचते हैं पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व सुविधाओं के अभाव में दूर-दराज रुख करना मजबूरी बन चुका है। सीएचसी गरमपानी में भी हालात जस के तस है। दो महिनों से भी अधिक समय से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। कोसी घाटी जन सेवा समिति के दयाल दरमाल, राकेश जलाल, नरेंद्र सिंह बिष्ट, संजय सिंह, फिरोज अहमद, महेंद्र सिंह बिष्ट, रघुराज सिंह, हरेंद्र सिंह, पंकज नेगी, हरीश कुमार आदि ने स्वास्थ्य विभाग पर गांवों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया है। जल्द स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
