🔳 बोर्ड उपाध्यक्ष के निर्देश पर घोड़ाखाल से गांव पहुंची टीम
🔳 किसानों की कृषि भूमि से जुटाए गए मिट्टी के नमूने
🔳 भवाली स्थिति मृदा प्रयोगशाला में होगी मिट्टी की जांच
🔳 लगभग तीस हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित होगी नर्सरी व बागान
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर कांडा गांव को चाय उत्पादन के क्षेत्र में पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। चाय विकास बोर्ड के कर्मचारियों ने गांव पहुंचकर पहले चरण में मिट्टी जांच को सैंपल जुटाए। भवाली स्थिति प्रयोगशाला में मिट्टी जांच के बाद गांव में चाय को पौधों की नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने को विभाग कदम आगे बढ़ाएगा। उम्मीद है की करीब तीस हेक्टेयर भूमि पर चाय नर्सरी व बागान स्थापित किए जाएंगे।
सोमवार को चाय विकास बोर्ड घोड़ाखाल के कर्मचारियों ने सूदूर कांडा गांव पहुंचकर चाय नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने को लेकर गांव के किसानों की कृषि भूमि की मिट्टी के नमूने एकत्र किए। क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन चौधरी की मांग पर चाय विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह मेहरा ने चाय बोर्ड घोड़ाखाल के प्रबंधक नवीन पांडे को टीम को गांव भेजने के निर्देश दिए। हरकत में आई टीम ने गांव पहुंचकर किसानों को कई अहम जानकारियां भी दी। किसानों की कृषि भूमि से अलग अलग स्थानों पर मिट्टी एकत्र कर जांच को भवाली स्थिति मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के लिए ले जाया गया। घोड़ाखाल से पहुंचे कर्मचारियों ने बताया की मिट्टी के चाय उत्पादन में उपयुक्त पाए जाने पर दूसरे चरण का कार्य शुरु कर नर्सरी व बागान स्थापित किए जाने की तैयारी शुरु कर दी जाएगी। बाग़ान व नर्सरी स्थापित होने से गांव के लोगों को भी गांव में ही रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। गांव के किसानों ने बोर्ड के कर्मचारियों को भी हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन चौधरी ने चाय विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। इस दौरान फिल्ड सहायक बेतालघाट गोपाल सिंह अधिकारी, सहायक सुपरवाइजर मदन सिंह, कमलेश उप्रेती, बालम सिंह, भूपाल सिंह, शेर सिंह, पानी सिंह, कृपाल बिष्ट, गोपाल सिंह, आंनद सिंह, चंदन सिंह, हीरा सिंह, नंदन सिंह, दान सिंह, पानी सिंह, नैन सिंह समेत तमाम किसान मौजूद रहे।
