🔳 चार शिक्षकों की गोपनीय आख्या भी त्रुटिपुर्ण मानकर की गई निरस्त
🔳 मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जारी किए आदेश
🔳 पूर्व प्रधानाचार्य के कार्यों को बताया विभागीय कार्यों का उल्लघंन
🔳 वित्तीय अनियमताओं के मामले में कार्यदाई ठेकेदारों के खिलाफ होगा मुकदमा
🔳 बेतालघाट ब्लॉक के पीएमश्री जीआइसी धनियाकोट से जुड़ा है मामला
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट में वित्तीय अनियमताओं व शिक्षकों की गोपनीय आख्या रिपोर्ट को हुई जांच में विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य के कार्य विभागीय नियमों के उल्लघंन के श्रेणी में होने की पुष्टि हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल ने गोपनीय आख्या रिपोर्ट को त्रुटीपूर्ण मान तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश दिए हैं। पूर्व प्रधानाचार्य को दोबारा ऐसी कार्यप्रणाली पर उत्तराखंड सरकारी सेवक अपील व अनुशासन नियमावली के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पीएम श्री जीआइसी धनियाकोट में विभिन्न कार्यों का बजट खर्च होने व बिल उपलब्ध होने के बावजूद धरातल में कार्य न होने का मामला सामने आने तथा विद्यालय में तैनात चार शिक्षकों के पूर्व प्रधानाचार्य शशि प्रकाश यादव पर गोपनीय आख्या खराब करने का आरोप लगाने के बाद मामले के तूल पकड़ने से मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल ने बीते दिनों पूरे मामले की जांच के निर्देश उपशिक्षा अधिकारी बेतालघाट राशी बुधलाकोटी को दिए। सीईओ से निर्देश मिलने के बाद बीईओ ने जांच कर रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपी। रिपोर्ट मिलने के बाद अब सीईओ गोविंद राम जयसवाल ने पूर्व प्रधानाचार्य शशि प्रकाश यादव के कार्यकाल के दौरान प्रवक्ता आशा उपाध्याय, मनीष पंत, नीमा महतोलिया तथा सीमा तिवारी की गोपनीय आख्या को त्रुटीपुर्ण मान तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही पूर्व प्रधानाचार्य के कार्य को विभागीय नियमों का उल्लघंन माना है। आदेश के माध्यम से कहा है की ऐसा प्रतीत होता है की पूर्व प्रधानाचार्य को विभागीय नियमों का ज्ञान तक नहीं है। कठोर चेतावनी दी है की भविष्य में नियमविरुद्ध कार्यों की पुनरावृत्ति न हो। साफ कहा है की पुनरावृत्ति पर उत्तराखंड सरकारी सेवक अपील व अनुशासन नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल के अनुसार पूर्व प्रधानाचार्य को कठोर चेतावनी दी गई है साथ ही वित्तीय अनियमताओं पर कार्यदाई ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।