= मुख्य लाइन पर मोटर लगा पानी खींच रहे लोग
= अन्य लोग बूंद-बूंद पानी को हो रहे परेशान
= क्षेत्रवासियों ने उठाई मोटर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
(((ब्यूरो चीफ विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/विजय रौतेला/मदन सिंह की रिपोर्ट)))
तपिश बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट भी सर चढ़कर बोल रहा है। गरमपानी खैरना क्षेत्र में कई लोग मुख्य पेयजल लाइन पर बिजली की मोटर लगा लगा दे रहे हैं जिससे अन्य लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों ने बिजली की मोटर इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
आपदा के बाद से ही क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। जल संस्थान ने बमुश्किल अस्थाई रूप से पेयजल व्यवस्था की है जिससे लोगों को पानी की आपूर्ति की जा रही है पर कुछ लोग मुख्य पेयजल लाइन में ही बिजली की मोटर लगा पानी खींच रहे हैं जिससे क्षेत्र के अन्य लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा। मजबूरी में दूरदराज से पानी ढोना पड़ रहा है। लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं वहीं कुछ लोग बिजली की मोटर लगा पानी की बर्बादी करने पर तुले हुए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार बिजली की मोटर लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई जा चुकी है पर संबंधित विभाग चुप्पी साधे बैठा है जिसका खामियाजा अन्य उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने बिजली की मोटर लगाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी कि यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो फिर तहसील कोश्या कुटोली में धरना शुरू किया जाएगा।
