◼️ आवाजाही में ग्रामीणों ने झेली फजीहत
◼️ पत्थर गीरने से खतरा हुआ दोगुना
◼️बारिश शुरु होने के साथ ही खुली व्यवस्थाओं की पोल

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

बारिश के साथ ही ग्रामीण सड़को में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। तमाम गांवो को जोड़ने वाली सड़को में जलभराव से लोगो को दिक्कतों का सामना करना पडा़। पहाडी़यों से पत्थर गीरने से यात्रियों ने जान जोखिम में डाल आवाजाही की। सड़को की बदहाली पर क्षेत्रवासियों ने गहरी नाराजगी जताई।

बरसात से पूर्व ग्रामीण सड़कों में बरसाती नाली खोलने के साथ ही तमाम व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के दावो की पहली बारिश में ही कलई खुल गई। तमाम गांवों को जोड़ने वाले रातीघाट – बेतालघाट, भुजान – बेतालघाट, शहीद बलवंत सिंह भुजान – वर्धो, भुजान – टूनाकोट – रिची, रामनगर – बेतालघाट समेत कई मोटर मार्ग में जगह-जगह बारिश का पानी जमा हो गया। सड़कें तलैया में तब्दील हो गई। बेतालघाट – भुजान तथा रातीघाट – बेतालघाट मोटर मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर भी गिरे। गनीमत रही कि पत्थरों की चपेट में कोई यात्री वाहन नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। सड़कों की बदहाली के लिए ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। आरोप लगाया कि बरसात से पूर्व ही मोटर मार्गो को दुरुस्त करने के तमाम दावे किए जाते रहे बावजूद सड़कों में जगह-जगह पानी इकठ्ठा हुआ जिससे आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्गो को दुरुस्त करने की पुरजोर मांग उठाई है।

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