🔳 भविष्य में जलस्रोतों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा
🔳 ग्रामीणों को झांसें में लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप
🔳 गांव में प्रस्तावित बैठक में तैयार होगी आंदोलन की रणनीति
🔳 क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति ने भी किया आंदोलन का ऐलान
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के बजेडी गांव में बोरिंग का विरोध तेज हो गया है। बोरिंग से लगातार जलस्रोतों को पहुंच रहे नुकसान का अंदेशा जता बोरिंग तत्काल बंद किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। गांव में होने वाली बैठक विरोध की रुपरेखा तैयार किए जाने का निर्णय लिया गया है।
बजेडी गांव के नजदीक बिल्डर के बोरिंग किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। बोरिंग से नुकसान बढ़ने, आसपास स्थित जल स्रोतों के सूखने तथा समीपवर्ती गांवों में स्थित बिगड़ने का अंदेशा व्यक्त कर स्थानीय लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। आरोप लगाया की बोरिंग के लिए कुछ लोगों को झांसे में लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर बोरिंग करा ली गई जिसका खामियाजा अब भुगतान पड़ रहा है। आसपास के धनियाकोट, सिल्टोना समेत अन्य गांवों में भी भविष्य में सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। स्थानीय हरेंद्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया की बोरिंग के समय कई ग्रामीणों को धोखे में रखकर अनापत्ति प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर कराए गए हैं। पूर्व में भी कई बार विरोध हो चुका है पर ग्रामीणों की आवाज दबा दी जा रही है। दो टूक कहा कि अब गांवों के लोगों का अहित कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोरिंग बंद कराने को गांव में बैठक रखी गई है जिसमें विरोध प्रदर्शन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य संगठनों से भी आंदोलन को समर्थन मांगा जाएगा। क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति ने भी बोरिग बंद कराने की पुरजोर मांग उठा आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
