★मुआवजे की धनराशि से चढा़ किसानो का पारा
★नारेबाजी कर जताई नाराजगी
★शासन प्रशासन पर लगाया उपेक्षा किए जाने का आरोप
★उचित मुआवजा न मिलने पर आंदोलन का एलान

(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट))).

आपदा प्रभावित क्षेत्रों मिल रही सरकारी इमदाद किसानों के जख्मों में नमक छिड़क रही है। लाखों रुपये के नुकसान के बाद किसानों को समुचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा जिस कारण काश्तकारों में गहरा रोष व्याप्त है। समीपवर्ती गांव के किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया। शासन प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। दो टूक कहा की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल बीते अक्टूबर में हुई मूसलाधार बारिश के बाद गांवों में किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। खेत रोखड़ में तब्दील हो गए जबकि खेतों में उपज चौपट हो गई। आपदा को सात माह बीतने के बावजूद क्षति की भरपाई नहीं हो सकी। गुरुवार को समीपवर्ती कोटखुशाल गांव के किसान आपदा में हुए नुकसान का मुआवजा लेने रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर भुजान पहुंचे तो महज एक से दो हजार रुपये की धनराशि के चेक देख किसानों का पारा चढ़ गया। किसानो ने नारेबाजी कर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि लाखों रुपये के नुकसान के बावजूद समुचित मुआवजा नहीं मिला है। कई किसानो के नाम तक मुआवजे की श्रेणी में नहीं है जबकि उनका भी काफी नुकसान हुआ है। गांव की आनंदी देवी, धन सिंह, जीवन सिंह, पूरन सिंह मेहरा, प्रेम सिंह, दौलत सिंह, चंदन सिंह, जीवन सिंह, दलीप सिंह, इंदर सिंह, जोधा सिंह आदि ने उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।

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