🔳 तीन शिक्षकों की मौत के बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह
🔳 दुर्घटना को कई दिन बीते बावजूद नहीं हुए सुरक्षा कार्य
🔳 एनएच प्रशासन की लापरवाही से क्षेत्रवासियों में रोष
🔳 विभाग को जगाने को आंदोलन का बिगुल फूंकने का ऐलान
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट क्षेत्र में नवंबर में हुई दुर्घटना में तीन शिक्षकों की मौत के बावजूद एनएच प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। जिस स्थान से शिक्षकों की कार शिप्रा नदी की ओर गिरी उस स्थान पर दो माह बीतने के बावजूद आज तक सुरक्षा संबंधी कार्यों की अनदेखी कर दी गई है। क्षेत्रवासियों ने एनएच विभाग पर जनहित से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।
हाईवे पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की अनदेखी से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। रातीघाट क्षेत्र में नवंबर में अल्मोड़ा निवासी तीन शिक्षकों की कार जिस स्थान से शिप्रा नदी क्षेत्र की ओर पलटी उस स्थान पर लंबा समय बीतने के बावजूद सुरक्षा संबंधी कार्य नहीं हो सके हैं जबकि दुर्घटना में तीन शिक्षकों की मौत भी हो चुकी थी। सुरक्षा कार्य की अनदेखी से अब दोबारा एक बार फिर दुर्घटना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि एनएच प्रशासन की लापरवाही फिर किसी यात्री या पर्यटक की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। लगातार दुर्घटना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद सुध नहीं ली जा रही। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने भी संबधित विभाग के लापरवाह रवैए पर गहरी नाराजगी जताई है। व्यापारी नेता कुबेर सिंह जीना, गोविंद सिंह नेगी, फिरोज अहमद, राजेंद्र सिंह, भैरव नैनवाल, मनोज नैनवाल, कैलाश , रविन्द्र सिंह आदि ने तत्काल दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।चेताया है कि यदि समय रहते खतरा टालने को ठोस उपाय नहीं की गई तो एनएच के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
