🔳 खैरना बाजार क्षेत्र में बना अफरातफरी का माहौल
🔳 बामुश्किल भागकर लोगों ने बचाई जान
🔳 हाईवे पर आवाजाही भी हो गई प्रभावित
🔳 आवारा गौवंशीय पशुओं की बढ़ती संख्या से अनहोनी का अंदेशा
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित खैरना बाजार क्षेत्र में आवारा गौवंशीय पशुओं के राहगीरों व बाइक सवारों के पीछे दौड़ने से अफरातफरी मच गई। लोगों ने बामुश्किल जान बचाई। वाहनों की रफ्तार भी थम गई। व्यापारियों ने आक्रोशित गौवंशीय पशुओं को भगाया तब जाकर खतरा टला। पशुओं के हाईवे से हटने के बाद यातायात भी सुचारु हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार पशुओं की संख्या बढ़ने से आमजन पर खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
रविवार को खैरना बाजार क्षेत्र में दो आवारा गौवंशीय पशुओं के तांडव से हड़कंप मच गया। दोनों पशुओं के बाजार क्षेत्र में खरीददारी को पहुंचे लोगों के पीछे पड़ गए। पशुओं के हाईवे पर दौड़ने से बाइक व स्कूटी सवार भी चपेट में आने से बाल बाल बचे। आक्रोशित पशुओं के राहगीरों पर हमलावर होने से बाजार क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। राहगीरों व दोपहिया वाहन सवारों ने बामुश्किल जान बचाई। गनीमत रही की स्कूलों में छुट्टी होने की वजह से स्कूली नौनिहाल बाजार में आवाजाही नहीं कर रहे थे और बड़ी घटना टल गई। व्यापारियों ने बामुश्किल आक्रोशित पशुओं को बाजार से भगाया तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। पशुओं के बाजार में दौड़ने से कुछ देर यातायात भी प्रभावित रहा। बाजार क्षेत्र में वाहनों की कतार लग गई। व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी ने आरोप लगाया की पूर्व में एक बुजुर्ग की गौवंशीय पशु के हमलें में मौत भी हो चुकी है बावजूद सुध नहीं ली जा रही। पशुओं की लगातार बढ़ती संख्या से बाजार में आवाजाही करना तक खतरनाक हो चुका है। अंदेशा जताया की कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। स्थानीय विरेन्द्र सिंह बिष्ट, मनीष तिवारी, गोविंद सिंह नेगी, प्रताप सिंह गौणी, मनोज सिंह बिष्ट ने पशुओं को गौसदन भेजने की पुरजोर मांग उठाई है साथ ही पशुओं को बाजार में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ भी कार्रवाई पर जोर दिया है।

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