🔳 सत्तर क्रू स्टेशन स्थापित कर तैनात किए फायर वाचर
🔳 राष्ट्रीय व राज्य मार्गों से सटे जंगलों की निगरानी को मोबाइल टीम गठित
🔳 वनाग्नि सुरक्षा श्रमिकों को प्रशिक्षण के बाद उपलब्ध कराए आवश्यक उपकरण
🔳 शीतलाखेत के सामुदायिक सहभागिता की तर्ज पर जंगलों को आग से बचाने की होगी कवायद
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

ग्रीष्मकाल की दस्तक के साथ ही जंगलों को आग से बचाने को वन विभाग ने भी कमर कस ली है। करीब सत्तर क्रू स्टेशन स्थापित कर प्रत्येक स्टेशन में चार चार फायर वाचरों की तैनाती भी की गई है। वनाग्नि की घटनाओं पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाने वाले फायर वाचरों का बकायदा बीमा भी करवाया गया है। राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर मोबाइल टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षेत्रवासियों से भी जंगलों को आग से बचाने में बढ़-चढ़कर भागीदारी का आह्वान किया गया है।
गर्मीयों में जंगलों की आग वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। प्रत्येक वर्ष तैयारियों के बावजूद जंगल बड़े पैमाने पर आग की भेंट चढ़ जाते हैं। जंगलों में आग धधकने से जहां वन संपदा को नुकसान पहुंचता है वहीं धूएं का गुबार वायुमंडल को भी खासा प्रभावित करता है। जंगलों को आग से बचाने को वन विभाग ने इस वर्ष विशेष रणनीति तैयार की है। राष्ट्रीय व राज्य मार्गों से सटे जंगलों को बचाने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। टीमें लोगों को जागरुक करने के साथ ही निगरानी भी करेंगी। वहीं पूरे जनपद में करीब सत्तर क्रू स्टेशन स्थापित कर चार चार फायर वाचरों की तैनाती की गई है साथ ही आवश्यक वन कर्मियों को भी मुस्तैद किया गया है। सभी फायर वाचरों का बीमा भी वन विभाग ने करवाया है। शीतलाखेत में जनसहभागिता के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं को शून्य करने के सफल परिणामों का अन्य वन प्रभागों व वन क्षेत्रों में विस्तार किए जाने को वन विभाग ने वन कर्मियों, स्वयं सहायता समूह, महिला मंगल दल समेत जनप्रतिनिधियों को शीतलाखेत के सफल प्रबंधन से रुबरु कराकर अपने अपने क्षेत्रों में भी उसी रणनीति को अपनाकर जंगलों को बचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वनाग्नि सुरक्षा श्रमिकों को प्रभाग स्तर पर प्रशिक्षण देकर आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी के अनुसार वनाग्नि की घटनाओं से निपटने को सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। लगातार निगरानी भी रखी जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी ने जंगलों को आग से बचाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों से भी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है। जंगलों में आग की सूचना को समय पर उपलब्ध कराने की अपील भी की है ताकी समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।

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