🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने उठाई मांग
🔳 नौनिहालों व विद्यालय के हित में बताया आदेश
🔳 विद्यालय छोड़ विभागीय कार्यालय में जमें शिक्षकों व कार्मिकों की तत्काल वापसी पर दिया जोर
🔳 जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों व कार्मिकों की व्यवस्था निरस्त करने संबंधी जारी किया है आदेश

[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]

जिला मुख्यालय स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शिक्षकों व कर्मियों की व्यवस्था सामाप्त करने संबंधी आदेश जारी होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने आदेश को सख्ती से पालन करवाए जाने पर जोर दिया है। कहा की यदि आदेश सख्ती से लागू होगा तो भीमताल व नैनीताल स्थित कार्यालयों में व्यवस्था में तैनात कार्मिक व शिक्षक मूल तैनाती स्थल पर लौट आएंगे जिससे विद्यार्थियों को लाभ मिलने के साथ ही गांवों में स्थित विद्यालयों की स्थिति में भी सुधार आएगा।

शिक्षकों व कार्मिकों की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से निरस्त करने संबंधी जिला शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जयसवाल के आदेशों को पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गांवों में स्थित विद्यालयों के हित में करार दिया है। सूदूर क्षेत्रों में तैनाती होने पर कुछ शिक्षक सेटिंग गेटिंग का फार्मुला अपनाकर लंबे समय से शिक्षा विभाग के भीमताल व नैनीताल स्थित कार्यालयों में जमें हुए हैं। मूल तैनाती स्थल पर न होने से विद्यालयों में अध्ययनरत नौनिहालों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है वहीं विद्यालय में कई महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित होते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश से अब नैनीताल, भीमताल व अन्य स्थानों पर जमें शिक्षक व कार्मिकों के मूल तैनाती स्थल पर लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कुबेर सिंह जीना, व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, मनीष तिवारी, फिरोज अहमद, राकेश जलाल, दीवान सिंह, कृपाल सिंह मेहरा आदि ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रभावी व सख्ती से लागू किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है ताकि शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हो सकें। दो टूक चेताया है की यदि आदेशों के बावजूद यदि लंबे समय से जमे शिक्षकों व कार्मिकों की वापसी नहीं हुई तो फिर आंदोलन को विवश होना पड़ेगा।

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