◾सरकार की महत्वाकांक्षी गौसेवक गौसदन योजना के तहत मिलेगा लाभ
◾ग्राम पंचायत की खुली बैठक से पास करना होगा प्रस्ताव
◾तहसील व जिला स्तरीय समिति करेगी योजना की मॉनिटरिंग
◾गौवंश का होगा संरक्षण, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
((( टीम तीखी नजर की विशेष रिपोर्ट)))
गौवंशीय पशुओं की देखभाल को सरकार ने कदम बढ़ा लिए है। सरकार की महत्वाकांक्षी ग्राम गौसेवक गौसदन योजना के तहत नर गोवंशीय पशु की देखभाल को प्रति पशु के हिसाब से 80 रुपये प्रतिदिन पशुपालक को उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से जहां पशुओं को आवारा छोड़ने पर रोक लग सकेगी वहीं गांवों में लोगों को बेहतर रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा।
गौवंशीय पशुओं को आवारा छोड़ दिए जाने से जहां गोवंश की लगातार बेकद्री हो रही है वहीं सड़कों पर इधर इधर घुम रहे पशुओं के झुंड से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। राज्य सरकार ने गोवंशीय पशुओं के पालन पोषण को अब गौसेवक गौसदन योजना तैयार की है। महत्वाकांक्षी योजना के तहत नर गौवंश पशु के पालन पोषण को 80 रुपये प्रति पशु के दर से पशुपालक को भुगतान किया जाएगा। अधिकतम पांच पशुओं पर चार सौ रुपये की दर से बारह हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। उक्त धनराशि से पशुपालक को पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करनी होगी। योजना के तहत तहसील व जिला स्तर पर समितियों का गठन भी कर दिया गया है। लाभार्थी को ग्राम पंचायत की खुली बैठक से प्रस्ताव बनाकर तहसील स्तर पर गठित समिति को उपलब्ध कराना होगा। जहां से प्रस्ताव जिला स्तर के बाद सरकार को भेजा जाएगा। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से जहां पशुओं की देखभाल हो सकेगी वहीं गांव के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नैनीताल डा.पीएस हंयाकी के अनुसार जनपद के सभी पशु चिकित्साधिकारियो को गांवों के लोगों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत स्तर से प्रस्ताव उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
अधिकारियों की टीम करेगी निगरानी
महत्वाकांक्षी ग्राम गौसेवक गौसदन योजना के तहत तहसील स्तरीय समिति का गठन किया गया है। एसडीएम समिति के अध्यक्ष होंगे जबकि पशुचिकित्साधिकारी समिति सचिव व पशुधन प्रसार अधिकारी सदस्य होंगे। पंचायत से प्रस्ताव उपलब्ध होने के बाद तहसील स्तरीय समिति पशुपालन का स्थान व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। समिति से हरी झंडी मिलने के बाद रिपोर्ट जिला स्तर से शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। वहीं प्रत्येक महीने समिति योजना से लाभान्वित लाभार्थियों के कार्यों की मॉनिटरिंग भी करेगी।
