= टूट चुके है खिड़की दरवाजे, व्यवस्था बदहाल
= नौनीहालो के बैठने तक उचित व्यवस्था नही
= लोगो ने उठाई सुधार की मांग

(((हरीश चंद्र/पंकज भट्ट/हरीश कुमार की रिपोर्ट)))

कैंची धाम क्षेत्र में स्थिन आंगनबानडी केंद्र बदहाल है। बावजूद कोई सुधलेवा नही है। दरवाजे खिडकी तक टूट चुके है। बच्चो के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नही है। ग्रामीणों ने केंद्र में व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।
सरकार तथा उसके नुमाइंदे ग्रामीण विकास के लाख दावे किए जाए पर धरातल में दावे खोखले साबित हो रहे है। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची धाम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इसका जीता जागता उदाहरण है। छोटे छोटे नौनीहालो को प्राथमिक शिक्षा का कहकहा सिखाने को स्थापित किया गया केंद्र में हालात बदहाल है। दरवाजे खिड़की टूक चुके है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुसार राशन रखने तक को सुरक्षित स्थान नही है। कमरे के अंदर तक सीलन है जिससे बच्चो को बैठने तक में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले वर्ष केंद्र में चोरी तक हो चुकी है। स्थानीय लोगो के अनुसार कई बार आंगनबाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं के सुधार की मांग उठाई जा चुकी है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। स्थानीय हरीश चंद्र, किशन चंद्र, भास्कर आर्या, राजेंद्र सिंह आदि ने आगनबाडी केंद्र दुरुस्त किए जाने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उपेक्षा की गई तो फिर सड़क पर उतर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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