= पेयजल संकट से परेशान स्कूल के नौनिहाल
= ग्रामीणों में रोष आंदोलन का बनाया मन
= संबंधित विभाग पर लगाया उपेक्षा का आरोप

(((हरीश चंद्र/कुबेर जीना/अंकित सुयाल/पंकज नेगी की रिपोर्ट)))

आपदा के बाद भी अब तक गांवों में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त नहीं हो सकी है जिस कारण लोग बूंदबूंद पानी को तरस रहे है। समीपवर्ती रातीघाट घूना क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था ठप है। जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन करने का मन बना लिया है।
बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद गांवों में भारी नुकसान पहुंचा। कई सरकारी पेयजल व सिंचाई योजनाएं ध्वस्त हो गई। संबंधित विभाग में कई गांवों में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त की पर अब तक रातीघाट व घूना क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। मजबूरी में दूर दराज से पेयजल व्यवस्था करनी पढ़ रही है। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के नौनिहाल भी पानी के लिए दिक्कतों का सामना करने को मजबूर हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त न होने पर ग्रामीणों में रोष है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रुचि आर्या, शांति देवी, चंद्रा देवी, विपिन चंद्र, पूरन चंद्र आदि ने जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

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