🔳 चिकित्सा प्रभारी ने गांवों के निरीक्षण को गठित की टीमें
🔳 आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम व सीएचओ को सौंपी गई जिम्मेदारी
🔳 रोजाना की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
🔳 ज्योलिकोट मामले के बाद अब कोसी घाटी में बढ़ाई गई निगरानी
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोग से कई लोगों के बीमार पड़ने तथा दो लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा प्रभारी ने आशा कार्यकर्ताओं, सीएचओ, एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष टीम गठित कर गांव गांव निरीक्षण कर डायरिया, टाइफाइड व अन्य बिमारियों से ग्रसित मरीजों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। चिकित्सा प्रभारी के अनुसार अहतिआतन गांवों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
जल जनित रोगों की चपेट में आने से कोसी घाटी के लोगों को बचाने व बीमारियों की चपेट में आए लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में डायरिया, टाइफाइड, पीलिया समेत अन्य जल जनित रोगों से ग्रसित मरीजों को चिह्नित करने का कार्य शुरु कर दिया है। बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय के विभिन्न गांवों में तैनात 80 आशा कार्यकर्ताओं, 5 आशा फेसिलेटर, 18 एएनएम तथा 11 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को गांव गांव सर्वे कर स्थित की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डा. योगेश कुमार को निरीक्षण करने वाली टीमों की माॅनिटरिग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएचसी प्रभारी डा. अभिलाषा पांडे के निर्देश पर गठित टीमों ने बकायदा गांवों का निरीक्षण शुरु कर मरीजों को चिह्नित करने का कार्य शुरु कर दिया है। चिकित्सा प्रभारी डा. अभिलाषा के अनुसार निरीक्षण टीमों को रोजाना रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। मरीजों को चिह्नित करने के साथ ही गांवों के लोगों को जागरुक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
