= मौसम वैज्ञानिकों कि पूर्व घोषित अनुमान के बावजूद रास्तों में फंस गए पर्यटक
= कई लोगों ने भूखे प्यासे वाहनों में बिताई रात
= शिप्रा व कोसी नदी का वेग बढा़ तो बिगडे़ हालात
= कई घंटे बीतने के बावजूद प्रभावितो का हाल जानने नहीं पहुंच सके आला अधिकारी

(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

मौसम वैज्ञानिकों ने मूसलाधार बारिश का अलर्ट समय से जारी कर दिया उसके बावजूद जिम्मेदार रणनीति बनाने में चूक गए यदि पर्यटको को विरान स्थानों पर पहुंचने से पहले ही रोक लिया जाता तो शायद हालात ना बिगड़ते पर सटीक रणनीति तैयार ना होने से हालात बिगड़ते चले गए। सैकड़ों पर्यटक जहां कहां फंस गए। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ने कमान संभाली तो पर्यटकों की जान में जान आई।

मौसम विभाग ने बारिश से पूर्व ही अलर्ट जारी कर दिया पर रणनीतिकार अलर्ट को गंभीरता से ही नहीं ले सके जिसका खामियाजा पर्यटकों को भुगतना पड़ा। पर्यटक अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे तथा रानीखेत स्टेट हाईवे तथा आसपास फंस गए। कई लोगो ने भूखे प्यासे वाहनों में रात बिताई। लोग परेशान रहे। जान जोखिम में पड़ गई। बाद में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के पहुंचने पर राहत मिली।

सटीक रणनीति बनी होती तो शायद पर्यटकों को परेशानी ना उठानी पड़ती। खैरना गरमपानी क्षेत्र में कोसी उत्तरवाहिनी शिप्रा के उफान पर आने से लोग दहशत में आ गए। पूरे बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों को नुकसान होने के बावजूद कोई भी आला अधिकारी घंटो बीतने के बावजूद क्षेत्र में नहीं पहुंच सका जिस कारण लोगो में रोष भी व्याप्त है।

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