🔳 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की भागीदारी पर बना संशय
🔳 अधिकांश राष्ट्रव्यापी एसआइआर कार्यक्रम में निभा रही जिम्मेदारी
🔳 पल्स पोलियों अभियान के तहत तीन हजार नौनिहालों को पिलाई जानी है दो बूंद जिंदगी की
🔳 स्वास्थ विभाग तैयारी में जुटा, बनाए गए हैं 73 बूथ
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के जुटने से अब पल्स पोलियों अभियान के लिए कर्मियों का संकट खड़ा हो गया है। अभियान की रीढ़ मानी जाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की उपलब्धता न होने से स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तय लक्ष्य की शत प्रतिशत सफलता को जुटे हुए हैं। सीडीपीओ अनीता सक्सेना ने स्पष्ट किया है की आंगनबाड़ी कर्मियों के उपलब्धता न होने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार कर दिया गया है।
देश भर में वर्तमान में एसआइआर का कार्य गतिमान है। शिक्षा, राजस्व, पंचायतीराज समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी डोर टू डोर विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान में जुटे हैं अब इसी बीच 28, 29 व 30 जून को पल्स पोलियों कार्यक्रम के लिए बेतालघाट ब्लॉक में कर्मियों का संकट खड़ा हो गया है। पल्स पोलियों अभियान में हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिका एसआइआर अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं ऐसे में पल्स पोलियों कार्यक्रम के लिए इस वर्ष उनकी उपलब्धता दूर दूर तक नजर नहीं आ रही जबकि बेतालघाट ब्लॉक में इस बार 73 बूथों पर करीब तीन हजार नौनिहालों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के लिए लगभग 140 कर्मियों को जुटना है ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की उपलब्धता न होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ना लाजमी है। पल्स पोलियों अभियान के ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक बीएम पाठक के अनुसार अभियान की शत प्रतिशत सफलता को तैयारी शुरु कर दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की भागीदारी की उम्मीद है। स्वयं सेवी संस्थाओं से भी मदद ली जाएगी। बाल विकास विभाग की सीडीपीओ अनीता सक्सेना के अनुसार सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं एसआइआर कार्यक्रम में जुटी है। पल्स पोलियों अभियान के लिए उपलब्धता न होने के विषय में प्रभारी चिकित्साधिकारी को पत्राचार कर दिया गया है।
