🔳 बुधलाकोट गांव में रौंद डाले किसानों के खेत
🔳 पौधों के तहत नहस होने से किसानों हुए मायूस
🔳 स्थानीय लोगों ने किसानों को मुआवजे देने की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के बुधलाकोट गांव में जंगली सूअरों का आंतक चरम पर पहुंच गया है। सूअरों के झुंड ने किसानों के खेतों को रौंद सैकड़ों शिमला मिर्च के पौधों को तहस नहस कर डाला। खेतों में पौधों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसान मायूस हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने किसानों को नुकसान का मुआवजा उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
जंगली सूअरो का आतंक खेती के लिए अभिशाप बन चुका है। बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में लगातार जंगली जानवरों के आंतक किसानों का खेतीबाड़ी से मोहभंग हो चुका है जिस कारण गांवों में खेत बंजर होने लगे हैं। बुधलाकोट गांव के किसान जगदीश बुधलाकोटी समेत अन्य किसानों ने लगातार नुकसान के बावजूद सब कुछ ठिक होने की उम्मीद से हाड़तोड़ मेहनत कर खेत तैयार किए तथा शिमला मिर्च के पौधे रोपें। बेहतर पैदावार की उम्मीद से पौधों की देखभाल भी की पर मध्यरात्रि जंगली सूअरों के झुंड ने खेतों को बुरी तरह रौंद शिमला मिर्च के पौधों को तहस नहस कर डाला। शुक्रवार को सुबह खेतों की हालत देख किसानों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पौधों के तहस नहस होने से किसान मायूस हो गए। किसान जगदीश चंद्र बुधलाकोटी के अनुसार जंगली सूअरों ने पौधों को बर्बाद कर डाला है। पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराए जाने तथा सूअरों की घुसपैठ रोकने को ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है।
