🔳 बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से दहशत काट रहे दिन
🔳 कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद नहीं ली जा रही सुध
🔳 कोसी का वेग बढ़ने के साथ ही कई परिवारों पर बढ़ जाता है खतरा
🔳 लगातार खतरे के बावजूद अनदेखी से क्षेत्रवासियों में रोष
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

खैरना बाजार के दर्जनभर से अधिक परिवार बारिश के साथ कोसी नदी का वेग बढ़ने के साथ ही दहशत में आ जाते हैं। कई बार आवासीय मकानों के आसपास बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जाने तथा ग्राम पंचायत से प्रस्ताव भी तैयार होने के बावजूद सुध नहीं ली जा रही। जिम्मेदारों की अनदेखी से स्थानीय लोग डर के माहौल में दिन बिताने को मजबूर हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने लगातार अनदेखी किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है।
खैरना क्षेत्र में रानीखेत पुल से शिप्रा व कोसी नदी के संगम तट बाढ़ सुरक्षा के ठोस प्रबंध न होने स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। बारिश होने व कोसी नदी का वेग बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ जा रही है। वर्ष 1993, 2005 व 2021 में नदी का पानी मकानों के आंगन तक पहुंच गया है था जबकि कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटन आवास गृह को भी बाढ़ ने काफि नुकसान पहुंचाया। स्थानीय बिशन सिंह जंतवाल के अनुसार लगातार बाढ़ सुरक्षा कार्यों की मांग उठाई जा रही है। बकायदा ग्राम पंचायत से भी प्रस्ताव पास हो चुका है पर अब तक सुध नहीं ली गई है। जिससे खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोस्वामी के अनुसार मामले की गंभीरता को देख ग्राम पंचायत की बैठक में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए प्रस्ताव पास कर उच्चाधिकारियों को भी भेजा गया पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। स्थानीय वीरेंद्र सिंह बिष्ट, संजय सिंह बिष्ट, फिरोज अहमद, मनीष तिवारी, गजेंद्र सिंह नेगी, सुनील मेहरा आदि लोगों ने बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने पर जोर दिया है ताकि आवासीय भवनों पर मंडरा रहे खतरे को टाला जा सके।

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