🔳 पानी की कमी से महज 30 किलोवाट में सिमटा बिजली उत्पादन
🔳 ट्रांसफार्मर फूंकने से चरमराई गांवों की व्यवस्था
🔳 योजना से जुड़े साढ़े चार सौ उपभोक्ता हुए परेशान
🔳 ग्रामीणों ने जल्द व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित महत्वपूर्ण रामगाढ़ जल विद्युत परियोजना पर संकट गहरा गया है। नदी में पानी कम होने से जहां रोजाना महज तीस किलोवाट बिजली उत्पादन हो पा रहा है वहीं सौ किलोवाट का ट्रांसफार्मर फूंकने से आपूर्ति चरमरा गई है। संकट बढ़ने से योजना से जुड़े साढ़े चार से अधिक उपभोक्ताओं को भी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योजना के आपरेटर राजेंद्र मनराल के अनुसार विद्युत विभाग से बिजली लेकर आपूर्ति की जा रही थी पर ट्रांसफार्मर फूंकने से समस्या बढ़ गई है।
रामगाढ़ क्षेत्र में स्थित जल विद्युत परियोजना से बेतालघाट ब्लॉक के बारगल, कफूल्टा, गरजोली, ज्योग्याडी, जजूला, जाख, बुधलाकोट, चौरसा समेत आसपास के गांवों के करीब साढ़े चार सौ उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। योजना से रोजाना सौ किलोवाट तक बिजली उत्पादन से उरेडा विभाग गांवों को बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही यूपीसीएल को भी बिजली की बिक्री करता है पर पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने व रामगाढ़ नदी में जलस्तर कम होने से बिजली उत्पादन महज तीस किलोवाट में पहुंच गया है। प्रबंधन ने गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराने को यूपीसीएल से बिजली लेनी शुरु ही की थी की अब सौ किलोवाट का ट्रांसफार्मर जवाब दे गया है। ट्रांसफार्मर फूंकने से गांवों को आपूर्ति भी चरमरा गई है जिस कारण योजना से जुड़े साढ़े चार सौ उपभोक्ताओं को भी तमाम दिक्कतों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है हालांकि प्रबंधन आधे गांवों को रोस्टर के अनुसार एक एक दिन छोड़कर आपूर्ति कर व्यवस्था बनाने में जुटा है पर उत्पादन घटने से भविष्य में दिक्कत बढ़ने का अंदेशा भी बना हुआ है। आपरेटर राजेंद्र मनराल के अनुसार टांसफार्मर को मरम्मत के लिए भेजा गया है। जल्द व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। नदी में जलस्तर घटने से महज तीन किलोवाट ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है। इधर योजना से जुड़े उपभोक्ताओं ने जल्द व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।