🔳 उपचार को पहुंची बुजुर्ग अस्पताल न खुलने से लौटी वापस
🔳 मामले की जानकारी पर बुजुर्ग के घर पहुंचाई गई दवाई
🔳 गांवों के अस्पतालों में समुचित स्टाॅफ न होने पर ग्रामीणों में नाराजगी
🔳 समुचित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की उठाई मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनियाकोट में समुचित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती न होने का खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।बावजूद स्वास्थ्य विभाग अनदेखी पर आमादा है। समीपवर्ती बजेडी गांव से उपचार को पहुंची बुजुर्ग महिला को अस्पताल बंद मिलने से मायूस होकर वापस लौटने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। समुचित स्टाॅफ की तैनाती व समय पर अस्पताल खोलने की मांग उठाई।
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में शिक्षा व्यवस्था के बुरे हाल में पहुंचने के बाद अब स्वास्थ्य सेवा भी बिगड़ने लगी है। समुचित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से गांवो के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा। सोमवार को बजेडी गांव से बुजुर्ग महिला पांव में सूजन के उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनियाकोट पहुंची काफि इंजतार के बाद भी जब लगभग ग्यारह बजे तक भी अस्पताल के दरवाजे नहीं खुले तो बुजुर्ग महिला मायूस होकर वापस लौट गई। स्थानीय नीरज सिंह ने गांव के महत्त्वपूर्ण अस्पताल की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। आरोप लगाया की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध न होने से गांव के लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए दूर दराज रुख करने को मजबूर हो चुके हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कृपाल सिंह मेहरा ने भी धनियाकोट अस्पताल में समुचित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की मांग उठाई। चेताया की यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो फिर आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। प्रभारी फार्मेसी अधिकारी संगीता जोशी के अनुसार उनके पास ऊंचाकोट अस्पताल के साथ ही धनियाकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जिम्मा है। मामले की जानकारी मिलने पर बुजुर्ग महिला को घर पर दवाई भिजवाई गई। क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।