🔳 भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को भेजा पत्र
🔳 लकड़ी टाल न होने से गिनाई परेशानियां
🔳 तमाम गांवों के लोग शवदाह को पहुंचते हैं भुजान
🔳 लकड़ियों के लिए करनी पड़ती है दो किमी की दूरी तय
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर स्थित भुजान क्षेत्र में लकड़ी टाल स्थापित किए जाने की मांग तेज हो गई है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर कुंजगढ व कोसी नदी के संगम पर लकड़ी टाल स्थापित किए जाने पर जोर दिया है। बताया है दर्जनों गांवों के लोग शवदाह को यहां पहुंचते हैं पर लकड़ी के लिए दो किलोमीटर दूर खैरना की ओर रुख करना पड़ता है।
खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे पर नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद की सीमा पर स्थित भुजान क्षेत्र में कुंजगढ व कोसी नदी के तट पर स्थित मोक्ष धाम में आसपास के तमाम गांवों के लोग शवदाह को पहुंचते हैं पर भुजान क्षेत्र में लकड़ी टाल न होने से ग्रामीणों को लकड़ी के लिए लगभग दो किलोमीटर दूर खैरना स्थित लकड़ी टाल को रुख करना पड़ता है वहां से वाहन में लाल लकड़ियां भुजान स्थित घाट तक पहुंचाई जाती है जिसमें अत्यधिक किराए के साथ ही समय की बर्बादी भी होती है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष दिलिप सिंह बोहरा ने संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात को पत्र भेज भुजान स्थित मोक्ष धाम में लकड़ी टाल स्थापित किए जाने की मांग उठाई है। पत्र के माध्यम से बताया है की पिलखोली, जैनोली, उपराडी, बजोल, बमस्यू, पातली, हिडाम, चापड, कमान, टूनाकोट, बलियाली, मंडलकोट, विशोलकोट, तिपोला समेत तमाम गांवों के लोगों को लकड़ी टाल न होने से शवदाह में तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता है। पूर्व मंडल अध्यक्ष ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से वन निगम को निर्देशित कर लकड़ी टाल खुलवाए जाने पर जोर दिया है। चेताया है की यदि अनदेखी की गई तो ग्रामीणों को साथ लेकर मजबूरन आंदोलन को विवश होना पड़ेगा।