🔳 गांवों में हांफने लगी है केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
🔳 पेयजल योजना से आपूर्ति सुचारु न होने से ग्रामीण होने लगे मायूस
🔳 गर्मियों में भारी पेयजल संकट की सताने लगी है चिंता
🔳 ग्रामीणों ने सिस्टम की लापरवाही को माना बड़ा कारण
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

पहाड़ों में जल जीवन मिशन योजना हांफ गई है। लंबे इंतजार के बाद भी बेतालघाट व रामगढ़ ब्लॉक के तमाम गांवों में सिस्टम की लापरवाही से योजना हवा में लटकी हुई है। योजना से एक बूंद तक पानी नसीब न होने से गांवों के लोग परेशान है। ग्रामीणों को अब गर्मियों में पेयजल संकट की चिंता सताने लगी है। इसके उलट विभागों के अफसर बजट न मिलने का राग अलापने से नहीं था रहे हैं। बाहरहाल इतना साफ हो गया है कि योजना के नाम पर गांवों के लोगों से छल किया गया है। तमाम गांवों में लगे योजना के बोर्डो में कार्य समाप्ति की दिन व तारीख भी अंकित है पर तय समय बीतने के बावजूद आज तक पानी की बूंद तक नसीब न होने से गांवों के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे।
जल जीवन मिशन योजना की हालत जल विहीन योजना सी हो गई है। शुरुआत में योजना से पेयजल आपूर्ति के खूब ढोल पीटे गए पर धरातल में उतरते ही योजना का दम निकलने लगा है। रामगढ़ ब्लॉक के जौरासी गांव के सौ से अधिक परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने को जल संस्थान ने करीब दो करोड़ रुपये के सरकारी बजट से ढाई वर्ष पूर्व योजना का निर्माण शुरु करवाया। उम्मीद थी कि योजना का निर्माण होने से गांव में पानी का सूखा खत्म हो जाएगा पर आज तक गांवों के लोग पानी के इंतजार में है‌ बावजूद पानी की बूंद तक नसीब नहीं हो सकी है। पानी के इंतजार में अब गांवों के लोगों की आंखें पथराने लगी है। हालत अब ये है की पिछले छह महीने से भी अधिक समय से योजना का कार्य ठप पड़ा हुआ है। गांव में निर्माणाधीन पेयजल टैंक भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया है। कई लोगों के घरों तक अब तक कनेक्शन ही नहीं हो सके हैं जबकि कई स्थानों पर योजना के पाइप मानक के उलट खुले में बिछा दिए गए हैं। यहीं नहीं ग्रामीणों के हितों से खिलवाड़ कर बीते दिनों विभाग ने योजना की वेबसाइट पर योजना का 85 फिसदी कार्य पूरा होने की सूचना तक अपलोड कर डाली है। लंबे समय से कार्य ठप पड़े होने समेत योजना में तमाम अनियमिताओं से गांवों के लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने समय रहते योजना का कार्य पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

योजना में अनियमितता की शिकायत सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। छह महीने से भी अधिक समय से कार्य ठप है। जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो गर्मियों में भारी संकट का सामना करने को मजबूर होना पड़ेगा ‌
हरीश मेहरा, पूर्व सरपंच, जौरासी

करोड़ों रुपये की योजना से समय पर पानी मिलने की उम्मीद थी पर सिस्टम की लापरवाही से पानी नसीब नहीं हो रहा। टैंक का कार्य छह महीने से अधूरा है। ऐसे में कैसे उसमें पानी स्टोर होगा यह बड़ा सवाल है।
आंनद सिंह मेहरा, स्थानीय

आवाज उठाते उठाते थक चुके हैं बावजूद सुध ही ली जा रही। कब तक पानी उपलब्ध होगा। कुछ पता नहीं हैं।‌ अधूरे टैंक को तोड़कर नया टैंक बनना चाहिए। ऐसा न होने पर पानी के लीकेज की संभावना है।
तारा सिंह, स्थानीय

उम्मीद थी की योजना का निर्माण होने से समुचित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा पर विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से लंबे समय बाद भी योजना अधूरी है। सरकारी बजट से शुरु हुआ योजना का निर्माण कार्य अब ठप होने से गांव के लोग मायूस हैं। कब तक पानी मिलेगा समझ नहीं आ रहा।
नवीन सिंह, स्थानीय, जौरासी गांव

पानी के लिए बन रही योजना से जल्द पेयजल आपूर्ति शुरु होने की बात लंबे समय से सुन रहे हैं पर कब नलों में पानी आएगा ये किसी को पता नहीं है। इस वर्ष गर्मियों में भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
नंदी देवी, जौरासी

विभागीय अधिकारियों से जल्द कार्य पूरा कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने को कहा गया है। कुछ दिन पूर्व अधिकारी गांव भी पहुंचे थे। जनहित से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधूरे टैंक की जगह ने टैक निर्माण तथा शेष बचे लोगों के घरों में कनेक्शन के लिए विभाग को कहा जा चुका है।
ममता मेहरा, ग्राम प्रधान