🔳 विद्यालय परिसर से हाईवे की ओर छोड़ा जा रहा गंदा पानी
🔳 गंदगी तक पहुंच रहे गोवंशीय पशु व बंदर
🔳 मवेशियों के भी बिमारियों की चपेट में आने का खतरा
🔳 हाईवे की ओर छोड़े गए गंदे नाले से विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर गंगरकोट क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर से छोड़ी जा रही गंदगी से संक्रामक बिमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। गोवंशीय पशु व बंदर भी गंदे नाले तक पहुंच रहे हैं जिससे मवेशियों के भी बिमारी की जद में आने का अंदेशा है बावजूद विद्यालय प्रबंधन अनदेखी पर आमादा है।
हाईवे पर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट में करीब साढ़े चार सौ से अधिक नौनिहाल अध्यनरत है जबकि आवासीय विद्यालय में शिक्षक भी परिवार समेत रहते हैं। विद्यालय परिसर से अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे की ओर निकल रहे नाले पर गंदगी छोड़े जाने से विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खुले नाले पर गोवंशीय पशुओं व बंदरों का भी जमघट लग रहा है। ऐसे में मवेशियों के बिमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है वहीं गर्मीयों में नाले में मच्छर आदि के लार्वा पनपने से विद्यालय परिसर व आसपास के गांवों में भी बिमारियों का ग्राफ बढ़ने का अंदेशा है। हाईवे पर आवाजाही करने वाले लोगों व क्षेत्रवासियों के अनुसार लंबे समय से नाले में गंदगी छोड़ी जा रही है। हाईवे पर बने कलमठ से गंदगी कोसी नदी की ओर जा रही है। बिमारियों का खतरा बढ़ने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन अनदेखी पर आमादा है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल व क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने नाले पर छोड़ी जा रही गंदगी को तत्काल रोकने की मांग उठाई है। चेताया है की यदि अब अनदेखी की गई तो आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। श्री कैंची धाम तहसील के तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी के अनुसार निरीक्षण किया जाएगा। खुले में गंदगी छोड़ना ठिक नहीं है। विद्यालय प्रबंधन को व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा जाएगा।
