🔳 पीएमजीएसवाई व वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया सर्वे
🔳 वन विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद सरकार को भेजी जाएगी डीपीआर
🔳 लंबे समय से ग्रामीण खस्ताहाल सड़क पर आवाजाही को थे मजबूर
🔳 कोरोना काल में ग्रामीणों ने किया था सड़क का निर्माण
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर फडीका गांव के करीब दो सौ परिवारों को सुगम आवाजाही का लाभ मिलने की उम्मीद जग गई है। पीएमजीएसवाई तथा वन विभाग की टीम ने मोटर मार्ग के सुधारीकरण को पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की। पीएमजीएसवाई की सहायता अभियंता मिताली कपिल के अनुसार वन विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
लंबे समय तक सड़क निर्माण की मांग उठाने के बावजूद सुनवाई न होने पर कोरोना काल में सूदूर फडिका गांव के ग्रामीणों ने खुद ही गांव तक सड़क खोद डाली। कुछ समय बाद विधायक निधि से दो किमी सड़क का निर्माण किया गया। सड़क बन जाने से ग्रामीणों को आवाजाही का लाभ तो मिला पर आए दिन सड़क बंद रहने तथा मार्ग के कच्चा होने से गांव के लोग परेशान रहे। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के लगातार मांग उठाने के बाद अब सड़क की हालत में सुधार की उम्मीद जगी है। सोमवार को पीएमजीएसवाई व वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों को लेकर करीब चार किमी सड़क का जायजा लिया। सड़क में डामरीकरण, सुरक्षात्मक कार्य व कुछ स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को नापजोख की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई की सड़क की हालत में सुधार होने से सुगम आवाजाही का लाभ मिल सकेगा। पीएमजीएसवाई की सहायता अभियंता मिताली कपिल ने बताया की सर्वे की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वन विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। बजट को स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरु करा दिया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान हेमा बोहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश बुधलाकोटी, उपप्रधान हरेंद्र बोहरा, पीएमजीएसवाई अवर अभियंता संजय, पूर्व प्रधान माधो सिंह, मोहन सिंह, पुष्कर सिंह, गोधन सिंह, मदन सिंह, ईश्वर सिंह, पूरन सिंह, रणजीत सिंह, प्रताप सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।