🔳 हाईवे पर कैंची क्षेत्र में खुली निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की पोल
🔳 32 करोड़ रुपये से भी अधिक के बजट से हुए हैं एनएच पर कार्य
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व व्यापारियों ने घटिया कार्यों पर जताया रोष
🔳 अधिशासी अभियंता ने किया ठेकेदार के बिल से धनराशि कटौती का दावा
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर भारी भरकम बजट से किए गए कार्य दरकने लगे हैं। दुर्घटना टालने में मददगार पैराफिटो में गहराई दरारें निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की हकीकत बयां कर रही है। पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गुणवतविहीन कार्यों पर नाराजगी जताई है। एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार के अनुसार ठेकेदार के बिल में गुणवत्ताविहीन कार्यों का पैसा काट दिया जाएगा।
हाईवे की मरम्मत को केंद्रीय सड़क व भूतल मंत्रालय ने एनएच प्रशासन को 32 करोड़ रुपये से भी अधिक का बजट उपलब्ध कराया है। लंबा समय बीतने के बावजूद अब तक हाईवे पर कई स्थानों पर कार्य पूरे ही नहीं किए जा सकें। कई दिनों तक कार्य ठप होने के बाद अब एनएच प्रशासन की सख्ती से दोबारा कार्य शुरु हो सके हैं। करोड़ों रुपये के भारी भरकम बजट के बावजूद कैंची क्षेत्र में दुर्घटना टालने के मकसद बनाए गए पैराफिटो में दरारें गहराने से गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है। अभी ज्यादा समय भी न बीतने के बावजूद दरारें सामने आने से कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी ने भारी भरकम बजट के बावजूद घटिया कार्य पर गहरी नाराजगी व्यक्त कर इसे जनहित से खिलवाड़ करार दिया है। व्यापार मंडल के विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने बजट ठिकाने लगाने का आरोप लगाया है। गजेंद्र सिंह नेगी, मनीष तिवारी, फिरोज अहमद, राकेश जलाल, गोविन्द नेगी, दीवान सिंह, कुलदीप सिंह, सुनील मेहरा आदि ने घटिया कार्यों की जांच की मांग उठाई है। साफ कहा की अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे बजट ठिकाने लगाने का जरिया बनता जा रहा है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार के अनुसार यदि खराब कार्यों को दोबारा सही ढंग से नहीं किया गया तो ठेकेदार के बिल से धनराशि की कटौती की जाएगी।
