🔳 परीक्षा परिणाम घोषित होते ही गांव में दौड़ी खुशी की लहर
🔳 देश की वरियता सूची में 564वीं रैंक की है हासिल
🔳 कुछ दिन पहले ही समीक्षा अधिकारी के पद पर भी हुआ है चयन
🔳 होनहार ने माता पिता व गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
🔳 कड़ी मेहनत को बताया सफलता का मूलमंत्र
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे ताड़ीखेत ब्लॉक के पजीना गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के गौरव छिमवाल के परीक्षा में सफलता हासिल करने से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बेटे की सफलता पर किसान पिता व मां की आंखें भी खुशी से छलक उठी। मेधावी गौरव ने अपनी सफलता का माता पिता व गुरुजनों को दिया है।
पजीना गांव निवासी गौरव छिमवाल ने एक बार फिर प्रदेश व अपने गांव को गौरवान्वित कर दिया है। कुछ दिन पूर्व उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में प्रदेश की वरियता सूची में दसवां स्थान हासिल करने वाले गौरव ने इस बार संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा पास कर सफलता का डंका बजा दिया है। मंगलवार को परीक्षा का परिणाम जारी होते ही पजीना गांव के लोग खुशी से झूम उठे। मेधावी गौरव ने देशभर की वरियता सूची में 564 वां स्थान हासिल किया है। सरकारी विद्यालयों से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा शुरु करने वाले मेधावी गौरव ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को दिया है। गौरव के अनुसार उनकी सफलता में बुनियादी शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान रहा। कहा की असफलता मायने नहीं रखती। यदि लक्ष्य तय कर कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता जरुर मिलती है। गौरव ने युवाओं से कड़ी मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने की अपील भी की है। मेधावी के पिता नरेंद्र मोहन छिमवाल किसान है जबकि माता गीता गृहणी। स्वजनों के अनुसार गौरव ने प्रारंभिक शिक्षा काकड़ीघाट, सुयालबाडी व ढोकाने से पूरी करने के बाद अल्मोड़ा से उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद गौरव प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गया। गौरव के माता पिता बेटे की सफलता से बेहद खुश हैं। खुशी के आंसू आंखों से छलक रहे हैं। गौरव की सफलता पर पंचायत प्रतिनिधियों, व्यापारियों व ग्रामीणों ने उनके पजीना गांव स्थित आवास पहुंचकर स्वजनों को बधाई दी।
