🔳 दूरदराज से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हुए ग्रामीण
🔳 जेजेएम व कलुआगाड़ पेयजल योजना ने तोड़ा दम
🔳 पानी न देकर मनमाने बिल भेजे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी
🔳 जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की उठाई मांग
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के घूना गांव में दो दो पेयजल योजनाएं होने के बावजूद करीब 90 परिवार बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। नलों से पानी की बूंद न टपकने से ग्रामीण दूर दराज से पानी ढोने को मजबूर हो चुके हैं। दो योजनाओं के बावजूद पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। आरोप लगाया है की पीने के लिए पानी तो उपलब्ध नहीं कराया जा रहा पर मनमाने बिल जरुर भेज दिए जा रहे हैं।
घूना गांव पिछले दो महीने से भी अधिक समय से पेयजल आपूर्ति ठप पड़े होने से ग्रामीण हलकान है। गांव में लाखों रुपये का बजट खर्च कर जल जीवन मिशन योजना के साथ ही कलुवागाड़ योजना से जलापूर्ति की व्यवस्था बनाई गई है पर नलों से पानी की बूंद तक नहीं टपक रही। आपूर्ति ठप रहने से गांव की महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे दूरदराज से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हो चुके हैं। ग्रामीण कई बार व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठा चुके हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। लगातार उपेक्षा किए जाने पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की भारी भरकम बिल जरुर भेज दिए जा रहे हैं पर पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही। पूर्व ग्राम प्रधान नंद किशोर आर्या, राधे लाल, गणेश, विनय कुमार, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, भवानी शंकर, विपिन चंद्र, गोपाल तिवारी आदि ने जल्द गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है की यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो फिर जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।