🔳 आडू , पुलम, खुमानी के लिए वरदान साबित हुई बारिश
🔳 सूख रही मटर के उपज को भी मिली संजीवनी
🔳 लगातार बढ़ रहे तापमान में भी आई बारिश से गिरावट
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
मौसम का मिजाज बदला तो किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। बेतालघाट ब्लॉक की फल उत्पादक पट्टी में सुबह से ही रिमझिम बारिश से पेड़ पौधों को संजीवनी मिल गई। सुखे की चपेट में आकर झुलस रहे मटर के पौधों को भी जीवनदान मिल गया। किसानों ने बारिश से बेहतर पैदावार की उम्मीद जताई है।
गुरुवार को कोसी घाटी में मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। कुछ क्षेत्रों में बारिश नहीं हो सकी जबकि फल उत्पादक पट्टी के रुप में पहचान रखने वाले धारी, उल्गौर, हरतोला, लोहाली, थुआ ब्लॉक, ताड़ीखेत समेत आसपास के गांवों में सुबह तकरीबन 11 बजे से ही रिमझिम बारिश शुरु हो गई। शाम तक रिमझिम बारिश का दौरा जारी रहा। बारिश से मरणासन्न हालत में पहुंच चुके मटर के पौधों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। किसानों के अनुसार बारिश से निश्चित रुप से मटर की उपज को जीवनदान मिला है। रिमझिम बारिश की फुहारों से आड़ू, पुलम व खुमानी तथा सेब के पेड़ों पर इन दिनों आ रहे फूलों को राहत मिली है। फल उत्पादक किसान पंकज भट्ट के अनुसार लंबे समय से बारिश न होने से उपज की पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा बना हुआ था जिस कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही थी पर गुरुवार को मौसम का मिजाज बदलने व बारिश की फुहारों से किसानों के चेहरे खिल उठे।