🔳 मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज उठाई पुरजोर मांग
🔳 संघर्ष को हरिनगर भूमि मालिकाना हक समिति ने बनाई रणनीति
🔳 मालिकाना हक न मिलने से गिनाईं समस्याएं
🔳 महत्वाकांक्षी हरिनगर हरतोला पंपिंग पेयजल योजना में भी लापरवाही पर जताया रोष
🔳 महिला सभागार में बैठक कर अहम मुद्दों पर की चर्चा
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]

महिला सभागार गरमपानी में हरिनगर मालिकाना हक संघर्ष समिति की बैठक में हरिनगर क्षेत्र में बसे ग्रामीणों को जमीनों पर मालिकाना हक दिए जाने का मामला जोरशोर से उठा। वक्ताओं ने कहा की वर्षों का समय बीतने के बावजूद मालिकाना हक न मिलने से विद्यार्थियों को तक प्रमाण पत्र आदि से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने महत्वाकांक्षी हरिनगर हरतोला पंपिंग पेयजल योजना का कार्य भी अधूरा पड़े होने पर नाराजगी व्यक्त की।
शनिवार को पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पीसी गोरखा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा की वर्षों पूर्व सरकार ने बेतालघाट ब्लॉक के हरिनगर क्षेत्र के किसानों को आवंटित की। जो आज तक नोन जेड ए श्रेणी चार की भूमि में दर्ज है। हरिनगर गांव में ग्रामीण साठ वर्ष से भी अधिक समय से ग्रामीण निवास कर रहे बावजूद मालिकाना हक से वंचित हैं। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पीसी गोरखा ने कहा की मालिकाना हक न मिलने से ग्रामीण सरकार की योजनाओं से भी वंचित हो रहे हैं वहीं विद्यार्थियों को प्रमाण पत्रों के लिए कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एक स्वर में नियमितिकरण किए जाने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन हरतोला – हरिनगर पंपिग पेयजल योजना का कार्य अधूरा होने पर रोष जताया। आरोप लगाया की भारी-भरकम बजट उपलब्ध होने के बावजूद कार्य कछुआ गति से किया जा रहा है। कार्य पूरा किए जाने की समयावधि पूरी होने के बावजूद वर्तमान में पचास फिसदी कार्य तक नहीं किया जा रहा है। बैठक के बाद समिति सदस्यों व ग्रामीणों ने तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। इस दौरान पूर्व प्रधान एस लाल, ललित प्रसाद, प्रताप चंद्र, बची राम, प्रेम पथिक, नवीन चंद्र, प्रेम प्रकाश, नवीन चंद्र आर्या, सुंदर लाल, कुलदीप कुमार, दीवान राम, केसी आर्या, महेश चंद्र, दीवानी राम समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।