◾हाइवे पर दोपांखी क्षेत्र में नहीं था एक अदद पैराफिट
◾ सुरक्षा कार्य होता तो शायद सड़क पर ही पलट जाता वाहन
◾ रातीघाट – बेतालघाट मार्ग पर एक झटके में टूट के बिखर गया पैराफिट
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

दो दिन के अंतराल में दो लोगों ने दुर्घटना में जान गंवा दी है। घटनाओं से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर दोपांखी क्षेत्र तथा रातीघाट – बेतालघाट मोटर मार्ग पर नौडा़ बैंड से वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। दोपांखी में घटनास्थल पर पैराफिट न होने से वाहन सीधे शिप्रा नदी की ओर चला गया जबकि रातीघाट – बेतालघाट मोटर मार्ग पर गुणवत्ताविहीन पैराफिट एक ही झटके में टूट कर बिखर गया और वाहन कोसी नदी की ओर पलट गया।
दो दिन पूर्व ही रातीघाट – बेतालघाट मोटर मार्ग पर नौडा़ बैंड के समीप यात्री वाहन करीब पांच सौ मीटर नीचे कोसी नदी में जा गिरा। हादसे में वाहन स्वामी की दर्दनाक मौत हो गई। अब दो दिन बाद ही रविवार रात अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर दोपांखी क्षेत्र में फार्मेसिस्ट की कार अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी की ओर पलट गई। दुर्घटना में फार्मासिस्ट की मौके पर ही मौत हो गई। दो दिन के अंतराल में दो घटनाओं में दो लोगों की मौत से स्थानीय लोग स्तब्ध है। दोनों अलग अलग घटनास्थलो पर एक ही बात खास है कि दोनों ही स्थानों पर मजबूत सुरक्षात्मक कार्य नहीं थे जिस कारण वाहन सीधे खाई की ओर पलटते चले गए। क्षेत्रवासियों के अनुसार यदि मजबूत सुरक्षात्मक कार्य किए गए होते तो शायद वाहन खाई की ओर नहीं पलटते और दोनों ही घटनाओं में वाहन चालकों की जिंदगी बच जाती। आरोप लगाया की विभागीय अनदेखी से जगह-जगह सुरक्षात्मक कार्य खस्ताहाल पड़े हैं जिस कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही है साथ ही दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। व्यापारी नेता मनीष तिवारी, विरेंद्र बिष्ट, फिरोज अहमद, देवेश त्रिपाठी, बिशन जंतवाल आदि लोगों ने खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर मजबूत सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की मांग उठाई है ताकि भविष्य की घटनाओं को टाला जा सके।

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