◾ केवाईसी पंजाब, आईएफएससी कोड देहरादून, खाता मध्यप्रदेश तथा संचालित हो रहा कोलकाता से
◾ सेना के जवान के बाद शाखा प्रबंधक के परिचितों व रिश्तेदारों को झांसे में ले कर दी ठगी
◾ शाखा प्रबंधक ने खाते की जुटाई जानकारी तो साइबर ठगों के शातिर अंदाज का हुआ खुलासा

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

साइबर अपराधी नए-नए तरीके आजमा लोगो को झांसे में ले रहे हैं। शातिर अंदाज से गूगल पे के जरिए धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कराने में सफल हो रहे हैं। पीएनबी बमस्यूं के शाखा प्रबंधक के परिचितों और रिश्तेदारों को ठगने का मामला सामने आया तो शाखा प्रबंधक ने ठगी के नंबर की जांच पड़ताल की तो बेहद चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ। शाखा प्रबंधक के अनुसार खाता संख्या में केवाईसी पंजाब तथा आईएफसी कोड देहरादून व खाता मध्यप्रदेश में खोला गया है जबकि खाता कोलकाता से संचालित हो रहा है। साइबर ठगों के शातिराना अंदाज से हर कोई सख्ते में हैं। शाखा प्रबंधक ने साइबर सेल रानीखेत में भी ठगी के मामले का खुलासा किए जाने की शिकायत दर्ज करा दी है।
साइबर अपराधी तेजी से अपना जाल फैला रहे हैं। आए दिन लोग साइबर अपराधियों के शिकंजे में फंसते जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और साइबर सेल आए दिन लोगों को जागरूक कर रही है पर साइबर अपराधी दो कदम आगे बढ़ अपने कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। बीते दिनों गरमपानी, उपराडी़ के व्यापारियों व बजीना क्षेत्र के सेना के जवान से ठगी करने के बाद बमस्यूं स्थित पीएनबी के शाखा प्रबंधक की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर उनके रिश्तेदारों व करीबियों से पचास हजार रुपये से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आ चुका है। ठगी किए गए नंबर की पीएनबी के शाखा प्रबंधक रमेश सिंह बोरा ने जांच पड़ताल की तो बेहद चौकाने वाले मामले का खुलासा हुआ। ठग का खाता कोलकाता से संचालित हो रहा है जबकि मध्यप्रदेश में खाता खोला गया है। आईएफएससी कोड देहरादून व केवाईसी पंजाब प्रांत से हुई है। साइबर अपराधियों के कारनामे से हर कोई सख्ते में हैं। पीएनबी के शाखा प्रबंधक ने साइबर सेल में मामला दर्ज करा कार्रवाई की मांग उठाई है।

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