◼️ जाड़ापानी की पहाड़ी कर रही बड़े खतरे की ओर इशारा
◼️ अक्टूबर की बारिश से हुआ था भारी नुकसान
◼️ बारिश होने के साथ ही दहशत में आ जाते हैं कटूयूडा़ के बाशिंदे

(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

पहाडी़यों में हो रहे भूस्खलन बडे़ खतरे की ओर इशारा कर रहे है। भूस्खलन रोकने व पहाडी़यों के उपचार को ठोस कदम नही उठाए जा रहे जिस कारण खतरा बड़ता ही जा रहा है। लोहाली – धारी – हरतोला मोटर मार्ग पर जाडा़पानी की पहाडी़ से भूस्खलन परेशानी का सबब बना हुआ है।

बीते वर्ष अक्टूबर में हुई मूसलाधार बारिश ने तमाम गांवो में भारी तबाही मचाई। धारी, उल्गौर समेत आसपास के तमाम गांवो में लोगो को भारी नुकसान उठाना पडा़। बरसाती नालो के उफान में आने किसानो के खेतो में मलबा घुसने से खेत रोखड़ में तब्दील हो गए। जाडा़पानी क्षेत्र स्थित पहाडी़ से हुए भूस्खलन से लोहाली गांव के कटूयूडा क्षेत्र के लोगो को भारी नुकसान उठाना पडा़। अब बरसात नजदीक आने के साथ ही खतरा कई गुना बढ़ गया है। भूस्खलन तथा पहाड़ी के उपचार को कार्य ना होने से लोग दहशतजदा है। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के ठीक नीचे पांच से ज्यादा परिवार रहते हैं साथ ही खेती-बाड़ी भी स्थित है जिससे खतरा बढ़ने की आशंका है। क्षेत्रवासियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा को ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है।

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