🔳 24 केंद्र आपदा संभावित क्षेत्र के मद्देनजर संवेदनशील
🔳 निर्वाचन विभाग ने शांतिपूर्ण मतदान को कसी कमर
🔳 मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
🔳 75 ग्राम पंचायतों के 80 केंद्रों में मतदान के बाद अस्तित्व में आएगी गांव की सरकार
[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान को निर्वाचन विभाग जोर-शोर से जुटा हुआ है। बेतालघाट ब्लॉक के 75 ग्राम पंचायत में 80 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। करीब 92 मतदान स्थलों पर मतदाता मत का इस्तेमाल कर गांव की सरकार बनाएंगे। खास बात यह है की 54 केंद्रों में आपसी गुटबाजी व 24 केंद्र आपदा संभावित क्षेत्र के रुप में चिह्नित कर संवेदनशील व अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। क्षेत्रीय व जोनल मजिस्ट्रेटों ने सभी बूथों का निरीक्षण कर आकस्मिक मार्ग चार्ट भी तैयार कर लिया है। निर्वाचन अधिकारी पल्लवी चौधरी के अनुसार शांतिपूर्ण मतदान को हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदेश में हरिद्वार को छोड़कर सभी जनपदों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां को लेकर अधिकारियों ने कमर कस ली है। ब्लॉकवार मतदान केंद्र व स्थलों का निरीक्षण भी किया गया है। मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी करने के साथ ही शत-प्रतिशत मतदान के लिए भी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। बारिश से मतदान में खलल न हो इसके लिए भी विशेष रणनीति तैयार की गई है। बेतालघाट ब्लॉक में 75 ग्राम पंचायतों में करीब 80 केंद्र बनाए गए हैं जबकि 92 केंद्रों पर मतदान किया जाएगा। गांवों में पंचायत चुनावों में होने वाली गुटबाजी से एक दूसरे को धमकने व डराने वालें मामले से चुनाव प्रभावित होने की आंशका से निर्वाचन विभाग ने गांवों में गुटबाजी के कारण 54 केन्द्र अतिसंवेदनशील व संवेदनशील तथा 27 केंद्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के रुप में चिह्नित किया गया है। आपदा संभावित क्षेत्रों मे मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग कमर कस ली है। क्षेत्रीय व जोनल मजिस्ट्रेट कू जरिए आकस्मिक रुट चार्ट भी तैयार किया गया है साथ ही संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों में समुचित फोर्स की तैनाती की रणनीति तैयार की गई है। निर्वाचन अधिकारी पल्लवी चौधरी के अनुसार संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान स्थलों पर शांतिपूर्ण मतदान के लिए आवश्यक तैयारियां की गई है। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हो। आपदा संभावित क्षेत्रों में भी अहतियातन सभी तैयारी की गई है।
गुटबाजी के कारण घंघरेठी, पटोडी, ढोल गांव, भतरौज, नौघर, बेतालघाट, अमेल, सेठी बेलगांव, दाडिमा रतौडा, सिमलखा, गैरखाल, छड़ा खैरना, मल्लाकोट, लोहाली समेत 54 केंद्र अतिसंवेदनशील बनाए गए हैं। जबकि कांडा, तल्ली सेठी,चंद्रकोट, गटिमी गजार, सूखा, रिखोली, जिनोली, पांगकटारा, सूखा, जजूला, पंगूट, ताड़ीखेत, सिरोडी, कफूल्टा समेत 24 केंद्र आपदा संभावित क्षेत्र के मद्देनजर संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
