🔳 हली गांव को जोड़ने वाले मोटर मार्ग पर स्थित है पुल
🔳 ग्रामीण जान हथेली पर रख आवाजाही को हुए मजबूर
🔳 जिम्मेदारों के सुध न लेने से ग्रामीणों का चढ़ा पारा
🔳 आवाजाही सुरक्षित करने तथा सेतू से खतरा टालने की उठाई मांग
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
रामगढ़ ब्लॉक के हली गांव को जोड़ने वाले सेतू पर गड्ढा मुसीबत का सबब बन चुका है बावजूद जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे। गांव के लोग जान हथेली पर रख आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं। रात को जोखिम दो गुना बढ़ जा रहा है। गड्डे से महत्वपूर्ण सेतू को भी खतरा बढ़ने का अंदेशा है। स्थानीय लोगों ने तत्काल खतरा टालने की मांग उठाई है। अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कैंची – नथुआखान मोटर मार्ग से हली गांव को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मोटर मार्ग का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मोटर मार्ग पर बने सेतू के समीप गड्डे से जहां आवाजाही बेहद ख़तरनाक हो चुकी है वहीं गुणवत्ता विहीन कार्यो की पोल भी खुल गई है। गांव के लोग जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं। महत्वपूर्ण सेतू के खतरे की जद में आने से भविष्य में मोटर मार्ग पर आवाजाही ठप होने का खतरा भी बढ़ गया है। जिम्मेदारों के सुध न लेने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय हरेंद्र सिंह, हरीश सिंह बिष्ट, चंदन सिंह, विरेन्द्र सिंह, पान सिंह, बालम सिंह आदि आरोप लगाया की विभागीय अधिकारियों को मामले की सूचना दिए जाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। दो टूक चेताया है कि यदि अनदेखी की गई तो आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता भास्कर पांडे के अनुसार एप्रोच में धंसाव होने से गड्ढा हुआ है। लगभग सात लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरु करवाया जाएगा।
