🔳 श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे नतमस्तक दिखे इंतजाम
🔳 मंदिर को प्रवेश व बाहर आने का एक रास्ता भरा रहा खचाखच
🔳 हाईवे पर फंसे वाहनों की कतार से आने जाने का रास्ता हुआ बंद
🔳 जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी ने खड़े किए गंभीर सवाल
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम में पहुंचे हजारों हजार श्रद्धालुओं की भीड़ ने प्रतिवर्ष 15 जून को स्थापना दिवस पर लगे वाले मेले की भीड़ जैसे हालात बना दिए। हाईवे से सटे आश्रम से दूर दूर तक बस श्रद्धालुओं ही श्रद्धालु दिखे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेहतर इंतजाम न होने से हर कोई परेशान रहा। गनीमत रही की हालात बेकाबू नहीं हुए और बड़ी अनहोनी टल गई। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है।
विकेंड पर शनिवार को कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने भविष्य के लिए चिंता की बड़ी लकीर खिंच ली है। लंबे समय से बाबा के धाम में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं पर शनिवार सुबह जो हालात कैंची धाम क्षेत्र में दिखे उसने समय रहते ठोस कदम उठाए जाने की ओर इशारा कर दिया है। हजारों हज़ार श्रद्धालु बस मंदिर में प्रवेश को आतुर रहे। मंदिर में प्रवेश के व बाहर निकलने के लिए शिप्रा नदी पर बने सेतू पर भीड़ घंटों फंसी रही। बाहर हाईवे पर वाहनों की कतार लगने से स्थिति और खतरनाक हो गई। कई श्रद्धालुओं ने जाम में फंसे वाहनों की छत पर चढ़कर तक आवाजाही की। मंदिर प्रबंधन सदस्य व एसआइएस कंपनी के दस जवान भीड़ से जूझते व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। भारी भीड़ के कैंची धाम पहुंचने से हालात बिगड़ते का खतरा भी बढ़ गया। गनीमत रही करीब 11 बजे बाद हालात सामान्य हो गए। ऐसा लगा मानो आश्रम के भीतर बैठे बाबा नींब करौरी ने खुद व्यवस्था की कमान संभाल रखी हो।
