🔳 जगह जगह भूस्खलन से हाईवे पर घंटों थमी रफ्तार
🔳 कई किलोमीटर तक लगी रही वाहनों की कतार
🔳 खीनापानी क्षेत्र में यात्रियों ने जान पर खेलकर हटाए पत्थर
🔳 एनएच की जेबीसी मशीनों ने भी जगह जगह सुचारु कराया यातायात
🔳 भुजान रिची मोटर मार्ग पर भी मलबे ने बढ़ाई मुसीबत
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
तेज बारिश के दौरान अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटी पहाड़ियों के दरकने का सिलसिला लगातार जारी रहा। जगह जगह पहाड़ियों से हुए भूस्खलन से घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। खीनापानी क्षेत्र में यात्रियों ने जान जोखिम में डाल बड़े बड़े बोल्डरों को हटाया तो वहीं जौरासी, काकड़ीघाट, दोपांखी क्षेत्र में लोडर मशीन से मलबा व पत्थरों को हटाकर यातायात सुचारु करवाया गया। दिनभर में कई बार हाईवे पर यातायात ठप रहा।
पिछले दो दिनों से लगातार बारिश ने हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्रियों व पर्यटकों के लिए कई मुसीबतें खड़ी कर दी। सुबह जौरासी क्षेत्र के समीप पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन से गिरे मलबे व पत्थरों से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने से यात्री व पर्यटक जहां तहां फंस गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एनएच कर्मियों ने लोडर मशीन की मदद से पत्थरों व मलबा हटाकर यातायात सुचारु करवाया। यातायात सुचारु हो ही सका था की इसी बीच खीनापानी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े बड़े पत्थरों के गिरने से हाईवे पर रफ्तार थम गई। वाहन चालकों व यात्रियों ने जान जोखिम में डाल बड़े बड़े पत्थरों को हटाकर वाहनों की आवाजाही लायक रास्ता बनाया। बाद में लोडर मशीन ने पत्थरों को हटाकर यातायात सुचारु करवाया। दोपांखी व रामगाढ़ क्षेत्र में भी दिनभर कई बार मलबा गिरता रहा। मौके पर मुस्तैद एनएच की लोडर मशीन ने समय रहते मलबा हटाकर वाहनों को आगे बढ़वाया। हाईवे पर जगह जगह पत्थरों व मलबे के गिरने से आवाजाही बेहद ख़तरनाक हो गई। यात्री, वाहन चालक व पर्यटक खतरे के बीच आवाजाही करते रहे।
रिची भुजान मार्ग पर पर भी मलबे ने बढ़ाई मुसीबत
खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे से कुंजगढ़ घाटी के तमाम गांवों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रिची भुजान मोटर मार्ग पर भी कई जगह भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ। गांवों को आवाजाही करने वाले ग्रामीणों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय सुनील मेहरा ने आरोप लगाया की भूस्खलन से मोटर मार्ग पर आवाजाही ठप होने की सूचना अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद घंटों तक लोडर मशीन मौके पर नहीं पहुंची जिस कारण लोगों को पैदल ही आवाजाही को मजबूर होना पड़ा।
