🔳 तीन सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा किए जाने को उठाई आवाज
🔳 बिसगुली लोअर लेफ्ट सिंचाई नहर से सिंचाई का पानी न मिलने पर जताया रोष
🔳 जिम्मेदारों पर लगाया लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप
🔳 नाप तथा पंचायत व सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय से सटे अमेल गांव के ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से नाराज ग्रामीण क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया की कई बार समस्याओं के समाधान को आवाज उठाए जाने की बावजूद उपेक्षा की जा रही है। दो टूक कहा की जब तक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक पीछे नहीं हटा जाएगा।
अमेल गांव के ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की उपेक्षा से तंग आकर आखिरकार आंदोलन का बिगूल फूंक दिया है। शुक्रवार को मुख्य मोटर मार्ग पर स्थित यात्री प्रतिक्षालय में इकठ्ठा हुए ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष जताया। वक्ताओं ने कहा की बिसगुली लोअर लेफ्ट सिंचाई नहर से सिंचाई को पानी उपलब्ध न होने से खेत बंजर हो चुके हैं। छह वर्षों से बदहाल पड़ी सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण को लाखों रुपये का बजट उपलब्ध होने के बावजूद नहर का कार्य ठप पड़ा हुआ है। कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद सिंचाई विभाग के अफसर उपेक्षा पर आमादा है। सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध न होने से किसानों की आर्थिक स्थिति तक बिगड़ चुकी है। ग्रामीणों ने एक स्वर में जल्द नहर का निर्माण कार्य पूरा कर पानी की आपूर्ति किए जाने, ग्राम पंचायत में पेयजल योजना का निर्माण तथा ग्रामीणों की निजी भूमि व ग्राम पंचायत व सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई। पहले दिन वीरेंद्र सिंह रावत, नंदन सिंह, प्रकाश सिंह व कांति राम क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द तीनों मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा। इस दौरान नवीन चमकनी, श्याम सुंदर सिंह, वीरेंद्र हाल्सी, नवीन पंत, महेश चंद्र, हरीश चंद्र, लीला राम, लक्ष्मण सिंह, भुवन रंगवाल, शिव सिंह, महेंद्र पाल रावत, किशोर कुमार, चंदन सिंह रावत, बागबंर सिंह, राम सिंह, चंदन रावत, संजय कुमार, भरत राम, राजेंद्र सिंह, संजय बोहरा, मदन सिंह, गोपाल सिंह, नवीन भंडारी, जय प्रकाश बेलवाल, गोपाल सिंह रावत समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
